जिरो डोजर बच्चों को खोज कर टीका लगाएं, प्रतिरोधी परिवार को मनाएं


 जिरो डोजर बच्चों को खोज कर टीका लगाएं, प्रतिरोधी परिवार को मनाएं


Report:Sanjay kumar


छूटे लाभार्थियों का शत प्रतिशत नियमित टीकाकरण कराएं 


छूटे बच्चों के टीकाकरण के लिए प्रशिक्षित किए गए चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी 


महराजगंज :29 जुलाई 2025:

जिरो डोजर बच्चों को खोजकर टीका लगाएं तथा प्रतिरोधी परिवार को समझा कर मनाएं। ताकि छूटे पात्र लाभार्थियों का  शत प्रतिशत नियमित टीकाकरण हो सके।उक्त बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्रीकांत शुक्ला ने सीएमओ कार्यालय सभागार में नियमित टीकाकरण को लेकर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को जन्म के बाद कोई टीका न लगा हो तथा एक साल के अंदर पेंटा का एक भी टीका न लगा हो उन बच्चों को जिरो डोजर कहते हैं। ऐसे बच्चों को  खोज कर टीका लगाएं,एसीएमओ डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि जो परिवार अपने बच्चों को नियमित टीकाकरण कराने में उदासीनता बरतें उन्हें समक्षा कर शत प्रतिशत पात्र बच्चों का नियमित टीकाकरण कराएं। आवश्यकता पड़े तो क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों से सहयोग लें। इस काम में आशा व एएनएम शिथिलता न बरतें।जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व   जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ वीरेन्द्र आर्य ने बताया कि जिरो डोजर बच्चों को खोज खोज कर टीकाकरण करने की जिम्मेदारी आशा व एएनएम को सौपी गयी है। आशा व एएनएम अपने जिम्मेदारी का सही ढंग से निर्वहन करें।उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को यह जरूर बताया जाना चाहिए कि नियमित टीकाकरण से बारह प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है। सरकारी अस्पतालों से लगने वाले गुणवत्तायुक्त टीके बच्चे के जन्म के समय से पांच साल की उम्र तक कुल सात बार लगाए जाते हैं।प्रशिक्षण कार्यक्रम में यूनिसेफ के डिवीजनल समन्वयक बृजेन्द्र चौबे, यूनिसेफ के डीएमसी राहुल कुमार सिंह, यूएनडीपी के वीसीसीएम नागेन्द्र पांडेय व गाबी से जुड़ी ममता यादव ने भी टीके के महत्व का विस्तार से बताया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी, ब्लाॅक प्रोग्राम मैनेजर तथा ब्लाॅक प्रोसेस कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर ने प्रतिभाग किया।

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