Maharajganj.. पिता की मृत्यु के बाद भी नहीं मिली छुट्टी, तीर लोटा लेकर ट्रेनिंग में पहुंचे शिक्षक
Maharajganj.. पिता की मृत्यु के बाद भी नहीं मिली छुट्टी, तीर लोटा लेकर ट्रेनिंग में पहुंचे शिक्षक
रिपोर्ट संजय कुमार
महाराजगंज जनपद के डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) मे बुधवार को एक अजीबोगरीब घटना देखने को मिली जब एक शिक्षक पिता का अंतिम संस्कार करने के बाद तीर और लोटा लेकर प्रशिक्षण में पहुंच गए इस घटना के बाद शिक्षकों और अधिकारियों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया फरेंदा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय नीरनाम पश्चिम मे कार्यरत सहायक अध्यापक राम जी विश्वकर्मा के पिता का शनिवार को आकस्मिक निधन हो गया था उन्होंने पिता को मुखाग्नि दी और धार्मिक परंपराओं का पालन करने के लिए 13 दिन की शुद्धि (तीर )लेना पड़ा l लेकिन इसी बीच उन्हें डाइट में अनिवार्य शिक्षक प्रशिक्षण मे शामिल होने का आदेश मिला l जब उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी (Beo) से अवकाश की मांग की, तो उन्हें मेडिकल अवकाश लेने की सलाह दी गई l रामजी विश्वकर्मा का कहना है कि वह शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं इसलिए डॉक्टर ने उन्हें मेडिकल अवकाश लेने के लिए प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया ऐसे में उनके पास केवल आकस्मिक अवकाश (cl) लेने का विकल्प बचा था, लेकिन वर्ष में केवल 14 सीयल मिलती है जिन्हें भविष्य की आपात स्थिति के लिए बचाए रखना जरूरी है मजबूरी में वह तीर और लोटा लेकर प्रशिक्षण में पहुंचे जिससे डायट परिसर में हड़कंप मच गया प्रशिक्षकों ने उन्हें तीर लोटा के साथ देखकर प्रशिक्षण से वापस भेज दिया l इस घटना के बाद शिक्षक समुदाय में बहस छिड़ गई की शादी या मृत्यु जैसी पारिवारिक परिस्थितियों में विशेष अवकाश की व्यवस्था होनी चाहिए l वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण अनिवार्य है, इसलिए इसमें शामिल होना जरूरी है l

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